बरेली,उर्स-ए-रज़वी के शुरू होने में 02 दिन बचे है। 06 अगस्त गुरुवार को दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान(सुब्हानी मियां) व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां रज़वी परचम से उर्स का आग़ाज़ करेंगे। मॉरीशस,नेपाल समेत देश के कई प्रदेशों से ज़ायरीन की आमद शुरू हो चुकी है। इससे दरगाह पर रौनक बढ़ने लगी है। दरगाह मेहमानखाना,मदरसा मंजर-ए-इस्लाम,अफ्रीकी हॉस्टल में जायरीन को ठहराया जा रहा है। सय्यद आसिफ मियां निगरानी में इस्लामिया मैदान से दरगाह आला हज़रत तक तैयारिया अंतिम चरण में है।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि आज जिलाधिकारी अविनाश सिंह व नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने दोबारा उर्स स्थल इस्लामिया मैदान का दौरा कर व्यवस्थाओ को परखा। बारिश के कारण मैदान में भरे पानी को निकालने व जमीन को समतल करने का निर्देश अपने अधीनस्थ अधिकारियों को दिए। उलेमा व जायरीन के बैठने के लिए तैयार हो रहे मंच व पंडाल का निरीक्षण किया। बाकी बचे काम को 05 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए। वही इस बार ज़ायरीन के बैठने के लिए पंडाल पहले से बड़ा बनाया जा रहा है। मज़हबी किताबों का बड़ा अस्थाई पुस्तक मेला उर्स स्थल पर बनाया जा रहा है। जिसमें लगभग 250 स्टाल लगाए जाते है। यहां आला हज़रत के साहित्य समेत अहले सुन्नत के बुजुर्गों की किताबें कम दामों में जायरीन को उपलब्ध कराई जाती है। जैसे आला हज़रत का लिखा कुरान का अनुवाद कंजुल ईमान,फतवो का मजमुआ फतावा रजविया, शायरी का नातिया दीवान हिदाईक बख्शिश, हुसामुल हरमैन,बहारे शरीयत, अल’मलफूज़,फ़ौज-ए-मोबीन,तमहीद- ए-ईमान,अल-दौलत उल-मक्किया आदि सैकड़ों किताबें रहेगी। इसके अलावा अस्थाई चिकित्सालय,पूछताछ कार्यालय,रेलवे,नगर निगम,मीडिया,नागरिक सुरक्षा संगठन के भी कैंप लगाये जायेंगे।

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