राम नवमी के अवसर पर इलाहाबाद संग्रहालय की पाक्षिक प्रदर्शनी श्रृंखला के अंतर्गत भगवान श्रीराम को समर्पित काष्ठ निर्मित प्रतिमा एवं ‘रामजन्म’ पाण्डुलिपि प्रदर्शनी का शुभारंभ, राजकीय पाण्डुलिपि पुस्तकालय, प्रयागराज के सहयोग से, संग्रहालय के केंद्रीय कक्ष में श्री बलबीर गिरि द्वारा किया गया। इस अवसर पर सौम्या अग्रवाल, मंडलायुक्त एवं निदेशक, संग्रहालय उपस्थित रहीं। उन्होंने तुलसी का बिरवा, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर महाराज जी का स्वागत किया तथा प्रदर्शनी के उद्देश्य और महत्व से अवगत कराते हुए संग्रहालय की आज़ाद वीथिका का भी भ्रमण कराया।

राम नवमी के दिन इस प्रदर्शनी के उद्घाटन को महत्वपूर्ण बताते हुए महाराज श्री गिरि ने कहा कि यह पहल हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक सार्थक कदम है। उन्होंने सभी से भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेते हुए मर्यादा, सत्य, त्याग एवं आदर्श आचरण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन हमें सदैव धर्म के मार्ग पर चलने तथा समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने काष्ठ कला से निर्मित प्रतिमा को हमारे प्राचीन शिल्प कौशल की उत्कृष्टता का प्रतीक बताया तथा रामजन्म से संबंधित पाण्डुलिपि को हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा एवं साहित्यिक विरासत का अमूल्य हिस्सा बताया। साथ ही इस प्रकार की पहल को नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने तथा उनमें अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित करने वाला बताया गया।

प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. संजू मिश्रा, सहायक संग्रहाध्यक्ष द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनी प्रभारी डॉ. अजय कुमार मिश्र, डॉ. राजेश कुमार मिश्र, डॉ. वामन वानखेड़े, श्री सुनील कुमार पाण्डेय, श्रीमती सोनिका तिवारी, श्री शशांक त्रिपाठी सहित संग्रहालय के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डॉ सन्जू मिश्रा
सह प्रभारी मीडिया
इलाहाबाद संग्रहालय,
संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार
प्रयागराज

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