प्रयागराज में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली तीन दिवसीय मण्डलीय फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी को अधिक आकर्षक और व्यापक स्वरूप देने की दिशा में पहल की जा रही है। मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल की गार्डन एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में यह सहमति बनी कि आगामी वर्ष से इस प्रदर्शनी का विस्तार शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों तक किया जाएगा। इसके तहत चयनित स्थानों को विभिन्न प्रकार के आकर्षक फूलों से सजाया जाएगा, जिससे पूरा शहर एक जीवंत पुष्पोत्सव के रूप में दिखाई देगा। मंडलायुक्त ने कहा कि यह आयोजन केवल एक स्थान तक सीमित न रहकर पूरे शहर का उत्सव बनना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इससे जुड़ सकें।

उन्होंने बताया कि फरवरी और मार्च का समय उद्यानिकी के लिए अत्यंत अनुकूल होता है। इस अवधि में अनेक रंग-बिरंगे फूल पूर्ण सौंदर्य के साथ खिलते हैं। प्रयागराज में इस मौसम में गुलाब, गेंदा, डहलिया, पेटूनिया, कैलेंडुला, पैंसी, फ्लॉक्स और ऐस्टर जैसे पुष्प वातावरण को विशेष आकर्षण प्रदान करते हैं। इन फूलों की सजावट को चन्द्रशेखर आजाद पार्क के आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों तक विस्तारित करने से यह आयोजन एक व्यापक शहरी उत्सव का रूप ले सकता है। इससे नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी और शहर की सुंदरता में भी वृद्धि होगी। मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले वर्ष से इस दिशा में ठोस योजना बनाकर अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए।

यह प्रदर्शनी अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है, जिसमें हर वर्ष मौसम के श्रेष्ठ फूलों, फलों और शाकभाजियों का प्रदर्शन किया जाता है। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है। प्रस्तावित विस्तार के साथ प्रतियोगिताओं की संख्या और श्रेणियों को बढ़ाने की योजना है, जिससे अधिक लोगों को अपनी रचनात्मकता और उद्यानिकी कौशल प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके।

इस वर्ष आयोजित प्रदर्शनी को कुल 26 श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें गमलों में मौसमी पुष्प, शोभाकार हरित पौधे, कटे हुए गुलाब एवं अन्य मौसमी फूल, पुष्प विन्यास, शाकभाजी, फल, खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद, शहद, फोटोग्राफी और पेंटिंग जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बंगला उद्यान प्रतियोगिता में लगभग 149 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने उद्यानों की सृजनात्मक सज्जा का प्रदर्शन किया।

प्रशासन का प्रयास है कि आने वाले वर्षों में इस प्रदर्शनी को और अधिक भव्य, आकर्षक तथा जनसहभागिता से परिपूर्ण बनाया जाए, ताकि प्रयागराज की यह पारंपरिक उद्यानिकी प्रदर्शनी क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सके।

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