इलाहाबाद संग्रहालय में आज मंडलायुक्त एवं प्रभारी निदेशक श्रीमती सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें संग्रहालय के विकास, गतिविधियों के विस्तार तथा जनसहभागिता बढ़ाने से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

सर्वप्रथम पुनर्नवीनीकृत सुमित्रानंदन पंत लिटरेरी गैलरी के उद्घाटन के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस गैलरी में प्रयागराज की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को समर्पित करते हुए यहां के महान साहित्यकारों—सुमित्रानंदन पंत, रामधारी सिंह दिनकर, हरिवंश राय बच्चन, फिराक गोरखपुरी, महादेवी वर्मा, मैत्रीशरण गुप्त एवं सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला— से संबंधित पांडुलिपियाँ, निजी उपयोग की वस्तुएँ, सम्मान, पुरस्कार तथा अन्य साहित्यिक धरोहरों को सुव्यवस्थित रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

गैलरी में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ऑडियो-विजुअल माध्यम से इन साहित्यकारों के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व का परिचय भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे युवा पीढ़ी उन्हें निकटता से समझ सके। विशेष रूप से निराला पर आधारित एक विशिष्ट डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित किए जाने की योजना है, जो देश के अन्य किसी संग्रहालय में उपलब्ध नहीं है।

संग्रहालय की गतिविधियों को नियमित एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से वार्षिक इवेंट कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अंतर्गत प्रत्येक माह न्यूनतम 4 शैक्षणिक, सांस्कृतिक अथवा साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सोशल मीडिया विशेषज्ञों की सेवाएँ लेने तथा विभिन्न प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया माध्यमों से नियमित कवरेज सुनिश्चित कराने को कहा गया, ताकि अधिकाधिक लोग संग्रहालय की गतिविधियों से जुड़ सकें।

विद्यालयों से आने वाले छात्रों एवं अन्य विजिटर्स की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से उनके अनुभवों को संग्रहालय की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही छात्रों के लिए एक विशेष पैकेज तैयार करने का निर्णय लिया गया, जिसके अंतर्गत उन्हें संग्रहालय से संबंधित स्मृति-चिह्न प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनका भ्रमण ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ स्मरणीय भी बन सके। आगामी 27 फरवरी को चन्द्र शेखर आजाद के शहादत दिवस तथा 28 फरवरी को संग्रहालय के स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक के उपरांत मंडलायुक्त ने संग्रहालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया तथा प्रस्तावित लिफ्ट स्थापना हेतु चिन्हित स्थान का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अन्य प्रमुख संग्रहालयों से समन्वय स्थापित कर उनकी चयनित कलाकृतियों एवं धरोहरों के प्रदर्शन हेतु सहयोगात्मक प्रस्ताव तैयार करने को कहा तथा प्रदर्शनी कक्ष का निरीक्षण कर संभावित डिस्प्ले व्यवस्था पर चर्चा की।

संग्रहालय अतिथि गृह के जीर्णोद्धार के संबंध में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से समन्वय स्थापित कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भ्रमण पर आए विद्यार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और संग्रहालय की शैक्षणिक उपयोगिता पर बल दिया।

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